चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर: छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी घोषित

रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में तेजी से दिखने लगा है। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के पांच जिलों—कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में भारी से अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। बिगड़ते मौसम और सुरक्षा के मद्देनजर बस्तर (जगदलपुर), सुकमा, गरियाबंद और दुर्ग जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में तूफान का असर सबसे ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में रायपुर, बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर और सुकमा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
विशाखापट्टनम से टकराया तूफान, कई जिलों में रुक-रुक कर हो रही बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार तड़के करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तट से टकराया। करीब तीन घंटे तक चली लैंडफॉल प्रक्रिया के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके असर से छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से ही मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।
राजधानी रायपुर और रायगढ़ में सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हैं और हल्की बारिश का दौर जारी है। गरियाबंद जिले में देर रात से ही ठंडी हवाओं के साथ लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज और कल प्रदेश में मौसम खराब रहेगा, वहीं 29 अक्टूबर को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, राहत कार्यों की तैयारी और हेल्पलाइन जारी
चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराकर नागरिकों को आकाशीय बिजली, जलभराव और तेज हवाओं से बचने के निर्देश दिए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को मुस्तैद रखा गया है।
प्रशासन ने निचले इलाकों, नदी-नालों, कमजोर भवनों और बिजली लाइनों की विशेष निगरानी करने के साथ जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए जिला नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 0771-2413233 जारी किया गया है। अधिकारियों ने आम लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

