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ग्राम दर्रामुड़ा से कोसमनारा बाबा धाम तक निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, सावन के तीसरे सोमवार को होगा जलाभिषेक

रायगढ़-खरसिया। सावन का महीना आते ही पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति का माहौल बनने लगा है। इसी बीच खरसिया के ग्राम दर्रामुड़ा में आयोजित होने वाली चौथी भव्य कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां भी अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। आयोजक समिति के अनुसार इस वर्ष भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पदयात्रा के माध्यम से ग्राम दर्रामुड़ा से कोसमनारा स्थित बाबा धाम तक पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। गांव के युवा, ग्रामीण और क्षेत्र के श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं।

ग्राम दर्रामुड़ा से निकलेगी आस्था की पदयात्रा
आयोजक समिति से मिली जानकारी के मुताबिक कांवड़ यात्रा का शुभारंभ 16 अगस्त 2026, रविवार को दोपहर 3 बजे ग्राम दर्रामुड़ा स्थित मांड नदी से पवित्र जल भरकर किया जाएगा। इसके बाद शिवभक्त बोलबम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच पदयात्रा करते हुए कोसमनारा बाबा धाम के लिए रवाना होंगे। यात्रा के दौरान भक्तिमय माहौल बनाने के लिए डीजे पर भगवान भोलेनाथ के भजनों की भी व्यवस्था रहेगी।

सावन के तीसरे सोमवार को होगा जलाभिषेक
यात्रा का समापन 17 अगस्त, सोमवार को कोसमनारा बाबा धाम में होगा। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर सभी शिवभक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और विशेष पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। आयोजकों का कहना है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा को श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न कराने की तैयारी की गई है।

कई गांवों से होकर बाबा धाम पहुंचेगी यात्रा
कांवड़ यात्रा ग्राम दर्रामुड़ा से निकलकर बड़े जामपाली, कुर्रूभांठा, नहरपाली, सिंघनपुर, रामझरना, बिलासपुर, भूपदेवपुर, केराझर, परसदा, चिराईपानी, पतरापाली, ढिमरापुर चौक और रायगढ़ के कोतरा रोड ओवरब्रिज होते हुए कोसमनारा बाबा धाम पहुंचेगी। पूरे मार्ग में शिवभक्तों के स्वागत और सेवा की तैयारियां भी की जा रही हैं।

यात्रियों के लिए सेवा और सुविधाओं की रहेगी व्यवस्था
आयोजक समिति ने बताया कि पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह चाय, बिस्कुट, पूड़ी-सब्जी, जलपान, केला और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वहीं बाबा धाम में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को वापस गांव लौटने के लिए वाहन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।

ग्राम दर्रामुड़ा बना शिवभक्ति का केंद्र
आयोजकों के अनुसार यह कांवड़ यात्रा अब ग्राम दर्रामुड़ा की धार्मिक पहचान बन चुकी है। लगातार चौथे वर्ष आयोजित हो रहे इस आयोजन में हर बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। गांव के युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए तैयारियों में जुटे हैं। पूरे गांव में भक्ति, सेवा और उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है।

आयोजक समिति ने क्षेत्र के सभी शिवभक्तों से अपील की है कि वे परिवार और साथियों के साथ इस भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा ग्राम दर्रामुड़ा से निकलने वाली इस आस्था यात्रा का हिस्सा बनें। हर-हर महादेव और बोलबम के जयघोष के साथ यह यात्रा एक बार फिर पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति की नई मिसाल पेश करने के लिए तैयार है।

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