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उपसरपंच की गिरफ्तारी के विरोध में गांव वालों ने किया कोतरा रोड थाने का घेराव, उमेश पटेल बैठे धरने पर, सरपंच के खिलाफ एफआईआर के बाद थमा बवंडर

रायगढ़। ग्राम पंचायत तारापुर के उप सरपंच को पूर्व के एक मामले में गिरफ्तार करने को लेकर ग्रामीणों ने कोतरा रोड थाना का घेराव करते हुए जमकर हंगामा मचाया। वहीं, मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री तथा खरसिया विधायक भी थाने पहुंचे और ग्रामवासियों का समर्थन करते हुए धरने पर बैठ गये। ग्रामीणों का आरोप है कि उप सरपंच राजू डनसेना के नेतृत्व में पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है तथा आगामी 10 तारीख को चुनाव होना है। ऐसे में राजनीतिक दबाव में पुलिस ने दुर्भावनावश बिना किसी को सूचना दिये एससी/एसटी एक्ट में उसे गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, दूसरी ओर पुलिस का कहना था कि उप सरपंच के खिलाफ पूर्व में अपराधिक प्रकरण दर्ज था, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। वहीं, उमेश पटेल के साथ ग्रामीणों ने देर रात तक धरना प्रदर्शन जारी रखा था तथा आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि शनिवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया जायेगा और सरपंच को उपस्थित कराया जायेगा ताकि जमानत हो सके। वहीं, उनकी रिपोर्ट पर भी सरपंच के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया, तब कहीं जा कर तकरीबन साढ़े 10 घंटे तक चला बवाल शांत हो सका।

दरअसल, ग्राम पंचायत तारापुर के सरपंच डिग्रीलाल सिदार के विरूद्ध उप सरपंच के नेतृत्व में अन्य पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए एसडीएम के समक्ष आवेदन दिया था। वहीं तकरीबन एक माह तक इस मामले में प्रशासन की ओर से किसी प्रकार से कार्रवाई को आगे नहंीं बढ़ाने पर एक बार फिर ग्रामीणों ने आवेदन देकर कार्रवाई आगे बढ़ाये जाने की मांग की थी। आगामी 10 सितंबर को पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी। वहीं, गुरूवार रात कोतरा रोड पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में उप सरपंच राजू डनसेना व घनश्याम निषाद को गिरफ्तार कर लिया गया।

बताया जा रहा है कि सरपंच डिग्रीलाल भाजपा समर्थित है तथा उप सरपंच राजू डनसेना कांग्रेस समर्थित है लिहाजा अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बैठक के पूर्व ही उप सरपंच को गिरफ्तार किये जाने पर सियासत तेज हो गई तथा गिरफ्तारी के विरोध में गांव के रहवासियों ने कोतरा रोड थाना का घेराव करते हुए पुलिस पर राजनीतिक दबाव में आकर फर्जी मामले में गिरफ्तारी करने का आरोप लगाते हुए राजू डनसेना को छोडऩे की मांग की।

आरोपी राजू डनसेना के परिजनों का कहना था कि उनकी ओर से भी सरपंच के खिलाफ आवेदन दिया गया था लेकिन पुलिस द्वारा एक पक्षीय कार्रवाई की गई। मामले को लेकर काफी देर तक ग्रामीणों द्वारा थाने में पुलिस के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाया गया। वहीं पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार समझाईश दिये जाने के बावजूद वे अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के 10 पंच में से मात्र दो पंच ही सरपंच के पक्ष में है शेष 8 पंचों ने मिलकर राजू डनसेना की अगुवाई में अविश्वास प्रस्ताव लाया है।

चूंकि मामला राजनीति से जुड़ा हुआ था, लिहाजा उप सरपंच के समर्थन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वय शाखा यादव एवं नगेन्द्र नेगी, रामचन्द्र शर्मा, अरूण गुप्ता, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, पूर्व सभापति जयंत ठेठवार, पूर्व पार्षद दयाराम धुर्वे, संदीप अग्रवाल, विकास ठेठवार, नारायण घोरे, प्रदीप मिश्रा सहित अन्य कांग्रेस नेता भी थाने पहुंचे थे। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर खरसिया विधायक उमेश पटेल भी कोतरा रोड थाने पहुंचे और ग्रामीणों के समर्थन में उनके साथ धरने पर बैठ गये। दोपहर तकरीबन 12 बजे से ग्रामीण खरसिया विधायक उमेश पटेल के साथ कोतरा रोड थाने में डटे हुये हैं।

इधर उमेश पटेल के भी समर्थन में धरना में बैठने से मामला हाई प्रोफाईल हो गया तथा एक ओर जन्माष्टमी मेला में व्यवस्था को लेकर पुलिस उलझी हुई थी दुसरी ओर धरना प्रदर्शन ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी थी। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार उन्हें समझाईश देने का प्रयास किया जा रहा है परंतु ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे। आखिरकार पुलिस की ओर से उच्च अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे विधायक उमेश पटेल एवं ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शनिवार को दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया जायेगा,

चूंकि प्रार्थी के उपस्थिति से जमानत मिल सकती है लिहाजा सरपंच को भी न्यायालय में उपस्थित कराया जायेगा जहां से वे उन्हें जमानत पर रिहा करवा सकते हैं तथा सरपंच डिग्रीलाल सिदार के विरूद्ध दी गई शिकायत पर भी प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना की जावेगी। इस आश्वासन के बाद कहीं जाकर लगभग साढ़े 10 घंटे तक चला धरना प्रदर्शन समाप्त हो सका और पुलिस ने भी राहत की सांस ली।

सरपंच ने दिया एसएसपी को ज्ञापन
एक ओर जहां पुलिस कार्रवाई के विरूद्ध कोतरा रोड थाने में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन चल रहा था, वहीं दुसरी ओर तारापुर सरपंच डिग्रीलाल सिदार अपने समर्थकों के साथ पुलिस आधीक्षक कार्यालय पहुंच कर एसएसपी शशिमोहन सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए दोनों आरोपियों के रिहा होने पर मेरे एवं मेरे परिवार के साथ अनहोनी होने की संभावना जताते हुए कहा कि उनकी जमानत नहीं होनी चाहिए। डिग्री लाल सिदार ने एसएसपी को दिये गये ज्ञापन में कहा कि राजीव डनसेना एवं घनश्याम निषाद के द्वारा उस पर जातिगत गाली-गलौज करते हुए उसे धमकाया गया है। वहीं डिग्रीलाल का कहना है कि 15 अगस्त को उनके द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं पूर्व में भी पंचायत के कार्यों में बाधा उत्पन्न की जाती रही है। राजू डनसेना द्वारा धमकी दिये जाने से वह और उसका परिवार डर गया था लेकिन बाद में पारिवारिक सलाह मशवरा के बाद उसने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

क्या कहते हैं उमेश
राजू डनसेना और घनश्याम निषाद को पुलिस सरिया क्षेत्र के बरपाली गांव से गिरफ्तार कर ले गई है और एसटीएससी एक्ट का प्रकरण दर्ज कर दिया। प्रमुख बात यह है कि तारापुर में राजू डनसेना के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव हुआ था जिस पर गुरूवार को एसडीएम का नोटिस आया था कि 10 तारीख को वोटिंग होना है। अविश्वास प्रस्ताव से सरपंच को बचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किय गया है और कल ही फर्जी केस बनाकर बयान लिया गया है। वहीं बयान के आधार पर सीधा एसटीएससी केस लगा कर थाना लाया गया है। भाजपा अपने सरंपच को बचाने के लिए राजनीतिक ताकत लगाने के बजाए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। बीजेपी के नेता पुलिस के सहारे राजनीति कर रहे हैं। फिलहाल उनके आवेदन पर भी सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जमानत के लिए सरपंच को न्यायालय में उपस्थित कराने का आश्वासन दिया गया है।
– उमेश पटेल पूर्व मंत्री व खरसिया विधायक

क्या कहते हैं एसएसपी
तारापुर सरपंच ने पूर्व में कोतरा रोड थाने में शिकायत देते हुए बताया था कि उसके विरूद्ध जातिगत गाली-गलौज करते हुए धमकी दी गई है। इस पर कोतरा रोड पुलिस द्वारा एसटीएससी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। निश्चित तौर पर यदि कोई कानुन अपने हाथ में लिया है तो उसके विरूद्ध कार्रवाई की जावेगी।
– शशि मोहन सिंह एसएसपी

उप सरपंच के पिता ने कहा
मेरे बेटे राजू डनसेना की अगुवाई में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, जिससे बचने के लिए सरपंच डिग्रीलाल ने अपनी पार्टी का सहयोग लेते हुए षडयंत्र के तहत झूठी रिपोर्ट लिखवाई गई है। मैं चाहता हुं कि मामले की निष्पक्ष  रूप से पुर्नविवेचना की जाए तथा अविश्वास प्रस्ताव पर चुनाव भी निष्पक्ष तरीके से हो।
– बाबूलाल डनसेना

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