शादी का झांसा देकर नाबालिग से दरिंदगी : खरसिया के कार्तिक जायसवाल को 20 साल की जेल, जज ने सुनाया बड़ा फैसला

रायगढ़। शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसे गर्भवती कर देने वाने मनचले युवक को न्यायालय ने 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रूपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया गया है। उक्त वाकमया खरसिया थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार खरसिया के जोबी क्षेत्र निवासी कार्तिक जायसवाल गांव की ही एक नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देते हुए अपने प्रेमजाल में फांसते हुए जुलाई 2024 में अपने पुराने घर में बुलाया ओर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया।
इसके बाद से लगातार वह किशोरी को बुलाकर उसके साथ संबंध बनाने लगा। इस बीच वह अपने परिजनों के साथ कोरबा चली गई थी, जिस पर कार्तिक बीच-बीच में कोरबा जाता था तथा किशोरी के मां-बाप काम पर जाने के दौरान अकेली पाकर उसके साथ संबंध बनाते रहा। वहीं इसके परिणामस्वरूप किशोरी पांच माह के गर्भ से हो गई थी तब उसने शादी करने को कहा तो कार्तिक ने विवाह से इनकार कर दिया। इस पर परिवारिक सलाह मशवरा के बाद पीडि़ता ने खरसिया थानांतर्गत जोबी चौकी में अपने दगाबाज प्रेमी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी कार्तिक जायसवाल के विरूद्ध बीएनएस की धारा 64 (2) (एम) व 65 (1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। वहीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) देवेन्द्र साहू ने उभय पक्ष की सुनवाई तथा गवाहों एवं प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कार्तिक जायसवाल को दोषी करार दिया है। वहीं कार्तिक जायसवाल को बीएनएस की धारा 69 के अपराध के लिए 10 वर्ष की सश्रम कारवास एवं 5 हजार रूपए जुर्माना तथा बीएनएस की धारा 64 (2) (एम) व 65 (1) के अपराध के लिए 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने की है।

