
रायगढ़, 18 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक भीषण सड़क हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि पूरी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हृदयविदारक घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघनपुर की है, जहां एक अनियंत्रित ट्रेलर की चपेट में आने से गर्भवती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे का सबसे विचलित कर देने वाला पहलू यह रहा कि मृतका के गर्भ में पल रहा शिशु भी बाहर आ गया, जिसने मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए।
मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के सिंघनपुर में दिनांक 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार की सुबह जो कुछ भी हुआ, उसने इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर पर्यवेक्षक निरीक्षण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची थीं, जहां कार्यकर्ता उमा राठिया (33 वर्ष) की अनुपस्थिति देख उन्होंने फोन पर उन्हें फटकार लगाई। करीब 40 सेकंड की इस बातचीत ने उमा को इतना मानसिक दबाव और घबराहट में डाल दिया कि वह गर्भवती होने के बावजूद आनन-फानन में अपने पति और बच्चे के साथ स्कूटी से केंद्र के लिए निकल पड़ीं। इसी जल्दबाजी के दौरान सुबह सवा नौ बजे के करीब सिंघनपुर के पास तेज रफ्तार कोयला लोड ट्रेलर क्रमांक CG-13-AD-2483 ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उमा राठिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति और मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों की आंखें तब नम हो गईं जब उन्होंने देखा कि मृतका के गर्भ से बाहर आए शिशु में हल्की हलचल हो रही थी। इस मंजर ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। अब क्षेत्र के ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि क्या एक गर्भवती महिला पर ड्यूटी का इतना दबाव बनाना जरूरी था कि उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। लोग अब केवल ट्रेलर चालक ही नहीं बल्कि उस व्यवस्था को भी इस मौत का जिम्मेदार मान रहे हैं जिसने एक महिला को इस कदर मजबूर कर दिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन पूरा सिंघनपुर गांव आज न्याय की मांग कर रहा है।

