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आठ खदानों में हो रहा रेत का अवैध खनन, लेबड़ा में लगी जेसीबी

  • खनिज विभाग ट्रैक्टरों पर कर रहा कार्रवाई, अवैध खदानों पर छापा मारने के लिए पर्याप्त बल नहीं

रायगढ़, 18 जनवरी। रेत का अवैध कारोबार पूरे जिले में जोरों पर है। इसका जिम्मेदार खनिज विभाग खुद है। नई सरकार का गठन हुए दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है। इतने समय में एक भी रेत खदान प्रारंभ नहीं कराई जा सकी। इस वजह से जिले में आठ मुख्य रेत घाटों पर अवैध खनन हो रहा है। रेत का अवैध कारोबार तभी होता है जब वैध रेत खदानें न हों। रायगढ़ जिले में 40 रेत घाट होने के बावजूद एक भी उत्पादनरत नहीं है। इसका जिम्मेदार खनिज विभाग स्वयं है। बरसात का सीजन खत्म होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से होते हैं। रेत की जरूरत हर गांव, हर शहर में पड़ती है। 2022 के बाद से जिले में रेत खदानों का आवंटन और नीलामी नहीं हो सकी। पिछले चार सालों से जिले में अवैध रेत खनन बढ़ता ही गया है।

वर्तमान में 15 रेत खदानों की नीलामी हो चुकी है लेकिन किसी का माइनिंग प्लान एप्रूव नहीं हो सका है। इसके बाद पर्यावरणीय स्वीकृति मिलेगी, लेकिन अभी करीब आठ रेत खदानों से अवैध खनन हो रहा है। लेबड़ा में जेसीबी लगाकर खनन किया जा रहा है। बरभौना, सेमरा, पडिग़ांव, रिलो, सिंघीतराई, बोकरामुड़ा, जरेकेला आदि खदानों में जमकर अवैध खनन किया जा रहा है। जो खदानें नीलाम हुई हैं, उनमें भी रेत की अवैध निकासी की जा रही है। अवैध परिवहन पर ट्रैक्टर जब्त किए जा रहे हैं लेकिन अवैध उत्खनन का एक भी प्रकरण नहीं बना है। दिलचस्प बात यह है कि खनिज विभाग ने अभी तक किसी भी खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण ही नहीं बनाया। केवल रेत ही नहीं, कोयला, लाइमस्टोन, डोलोमाइट आदि का अवैध खनन नहीं पकड़ा जा सका है।

रानीगुड़ा में घेर लिया था ग्रामीणों ने
अवैध खनन को रोकने में खनिज विभाग हमेशा से नाकाम रहा है। एक भी रेत घाट पर खनन करते वाहन नहीं पकड़े गए। 1400 रुपए की एक ट्रैक्टर रेत 2500 तक में मिल रहा है। एक बार अवैध खनन को रोकने गई खनिज विभाग की टीम को रानीगुड़ा में ग्रामीणों ने घेर लिया था। इस वजह से खनिज अमला अब खनन स्थल पर कार्रवाई नहीं करता।

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