स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं दुर्ग की सोनिया साहू, बैंक सखी के रूप में दे रहीं वित्तीय सेवाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही हैं। दुर्ग जिले के ग्राम बोडेगांव की निवासी सोनिया साहू बैंक सखी (बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट सखी) के रूप में कार्य करते हुए न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि ग्रामीणों को उनके गांव में ही जरूरी वित्तीय सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही हैं।
सोनिया साहू स्व-सहायता समूह से जुड़ने और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वर्तमान में ग्रामीण ननकट्टी में बैंक सखी के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 3 हजार रुपये की आमदनी हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला है। समूह से मिले आर्थिक सहयोग की मदद से उन्होंने यह स्वरोजगार शुरू किया था।
गांव में ही मिल रही हैं पेंशन और डीबीटी जैसी सुविधाएं
बैंक सखी के रूप में सोनिया साहू गांव के लोगों के नए बैंक खाते खोलने और उनमें आधार सीडिंग का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), वृद्धावस्था व सामाजिक सुरक्षा पेंशन और छात्रवृत्ति की राशि का वितरण भी गांव स्तर पर ही किया जा रहा है।
डिजिटल भुगतान, सामान्य बैंकिंग लेन-देन और बीमा जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाएं घर के पास मिलने से ग्रामीणों को शहर या दूर की बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
आत्मविश्वास में हुई बढ़ोतरी
सोनिया साहू के अनुसार, समूह से जुड़ने और आवश्यक प्रशिक्षण मिलने से उन्हें आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के इस कार्य से उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

