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दो राईस मिलों में कम मिला धान, प्रकरण ही दर्ज, सीलिंग नहीं

  • दूसरे जिलों की तरह रायगढ़ में भी उठाए गए धान की रिसायक्लिंग, वजन में कमी की आने लगी शिकायत

रायगढ़। समितियों में धान खरीदी के साथ-साथ राइस मिलों में सत्यापन भी किया जा रहा है। उठाव के बाद जितना धान मिलों में होना चाहिए, उतना नहीं मिल रहा है। ऐसी दो मिलों पर कार्रवाई की गई है क्योंकि यहां धान में कमी पाई गई है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि समितियों में धान रिसायकल करने का खेल शुरू हो चुका है। इस बार कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बाहरी व पुराने धान को रोकने और रिसायक्लिंग बंद करने के लिए सख्त व्यवस्था बनाई। न तो समिति प्रबंधकों को ढील दी गई और न ही राइस मिलर्स को।

इसके बावजूद धान की बंपर खरीदी हो रही है। अब तक करीब 66 हजार किसानों से तकरीबन 42 लाख क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से 39.47 लाख क्विंटल के डीओ काटे जा चुके हैं और मिलर्स ने करीब 25.50 लाख क्विं. का उठाव भी कर लिया है। लेकिन खरीदे गए धान का उठाव वास्तव में हुआ है या नहीं, इसका वेरीफिकेशन करने के लिए एसडीएम और तहसीलदारों को आदेश दिए गए हैं। सोमवार को दो मिलों में जांच की गई तो धान की मात्रा कम पाई गई।

कृष्णा राइस मिल सहदेवपाली संचालक आशीष अग्रवाल के पास डीओ और उठाव के हिसाब से करीब 25 हजार क्विं. धान होना था लेकिन वहां 23313 क्विं. ही भंडारित मिला। उक्त धान को जब्त किया गया। 2000 क्विं. धान कहां गया, इसका कोई जवाब नहीं था। इसी तरह खरसिया के जय भोले ट्रेडर्स संचालक योगेश अग्रवाल को करीब 21 हजार क्विं. का डीओ काटा जा चुका है जिसमें से करीब 15 हजार क्विं. का उठाव भी किया जा चुका है। खरसिया एसडीएम की जांच में पता चला कि यहां 14238 क्विं. धान ही मिला। एसडीएम प्रवीण तिवारी ने धान को जब्त किया। यहां करीब 480 क्विं. धान कम पाया गया।

कहां जा रहा है डीओ का धान
पूरे प्रदेश में मिलों के लिए काटे जा रहे डीओ में हेराफेरी पकड़ी गई है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा का शुभम राइस मिल भी इसमें फंसा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। सवाल यह है कि डीओ का धान समिति से सीधा मिल के गोदाम में आना चाहिए। चंद शातिर राइस मिल संचालक समिति के धान को लाने के बजाय वहीं बेचने के लिए रिसायकल कर रहे हैं। यह काम धड़ल्ले से हो रहा है। केवल किसानों को रोकने में मशगूल प्रशासनिक अमला इस बड़ी गड़बड़ी पर ध्यान नहीं दे रहा है।

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