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समितियों में बोरे से धान निकालकर नए बोरे में डाल रहे प्रबंधक

  • राईस मिलर्स के डीओ से उठाव में आ रही कम वजन, प्रति लॉट में तीन से पांच क्विंटल तक कम हो रहा धान

रायगढ़, 17 जनवरी। धान खरीदी में इस बार नए तरह का खेल शुरू हो गया है। बाहरी धान को रोकने और बोगस खरीदी पर लगाम लगाने में कुछ हद तक सफलता मिली है। लेकिन अब नए तरह का खेल शुरू हो गया है। प्रत्येक बोरे में किसानों से एक-दो किलो ज्यादा धान लिया जा रहा है। तौल के समय ही धान ज्यादा भरा जा रहा है। किसान भी इससे इंकार नहीं करते हैं। जब दिन के अंत में धान खरीदी पूरी हो जाती है तो उन्हीं बोरों से दो किलो तक धान निकालकर दूसरे बोरे में भरा जाता है। इस अतिरिक्त धान को रिक्त रकबे में खपाया जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि किसी भी खरीदी नोडल ने इस पर आपत्ति नहीं की है। इसका खुलासा तब होता है जब राइस मिलर्स धान का उठाव करके ले जाते हैं। जब धान का वजन किया जाता है तो पांच क्विंटल तक भी कमी आ रही है। एक लॉट में तीन क्विंटल कमी मतलब 9300 रुपए का धान हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक जैमूरा से उठाए गए धान का वजन बहुत कम आ रहा है। लिबरा में भी धान निकालकर नए बोरे में भरा जा रहा है। ऐसी कई गड़बड़ी पाए जाने के बाद ही सहायक समिति प्रबंधक आनंदराम पटेल को सस्पेंड किया गया है। खरसिया के बड़े देवगांव में भी ऐसा ही हो रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक यहां एक राइस मिलर भी डीओ एडजस्ट करने के लिए प्रबंधकों से डील कर रहा है।

सहकारिता विभाग के अधिकारी कर रहे मदद
सूत्रों के मुताबिक राजस्व व दूसरे विभाग के अधिकारी कुछ हद तक फर्जी खरीदी का विरोध कर रहे हैं। लेकिन जहां-जहां भी सहकारिता विभाग के अफसर तैनात हैं, वहां घपला बड़े आराम से हो रहा है। फर्जी खरीदी को संरक्षण दिया जा रहा है। इसकी वजह समिति प्रबंधकों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के बीच पुरानी सांठगांठ है।

मार्कफेड ने उठाव पर लगाया प्रतिबंध
रायगढ़ जिले में धान खरीदी का आंकड़ा प्रतिदिन एक लाख क्विंटल को पार कर रहा है। अभी भी करीब 20 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने एक बार भी धान नहीं बेचा है। समितियों में धान का अंबार लग गया है। राइस मिलों में धान की रिसायक्लिंग का भंडाफोड़ होने के बाद मार्कफेड ने उठाव को बंद करने का आदेश दिया है। अब किसी भी राइस मिल की गाड़ी को लोडिंग नहीं दिया जाएगा। जिनके डीओ कट चुके हैं, उनको भी गाड़ी नहीं लगाने की हिदायत दी गई है। अब खरीदी खत्म होने के बाद भौतिक सत्यापन होगा। तब जाकर उठाव शुरू होगा।

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