
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां खरसिया इलाके के गुरदा गांव में एक 16 साल के लड़के की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए तीन लोगों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो युवक और एक नाबालिग शामिल है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरी वारदात शराब पार्टी के दौरान महज चखने के लिए आम तोड़कर लाने के मामूली से विवाद को लेकर हुई। गुस्साए आरोपियों ने किशोर को इस कदर पीटा कि उसकी जान चली गई और फिर पकड़े जाने के डर से लाश को एक बरगद के पेड़ के नीचे छिपा दिया।
खेत में मिली थी लहूलुहान लाश
इस खूनी खेल की शुरुआत 24 मई को हुई थी। छाल थाना क्षेत्र के बरभौना गांव का रहने वाला 16 साल का किशोर अपने ही गांव के एक परिचित ऋषि डनसेना के साथ उसकी बाइक पर बैठकर काम के सिलसिले में निकला था। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटा, तो घरवालों की चिंता बढ़ने लगी। उन्होंने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। अगले दिन यानी 25 मई की सुबह गुरदा गांव के डोगरमुड़ा खार इलाके में एक बरगद के पेड़ के नीचे उस किशोर की लाश चित हालत में पड़ी मिली। शरीर पर चोटों और खरोंच के गहरे निशान साफ़ गवाही दे रहे थे कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई है।
कॉल रिकॉर्ड और गवाही से खुला राज
घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। खरसिया एसडीओपी प्रभात पटेल और थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव अपनी टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच के बाद जब शव का पोस्टमार्टम कराया गया, तो डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज की। जांच टीम सबसे पहले उस ऋषि डनसेना तक पहुंची, जिसके साथ मृतक आखिरी बार देखा गया था। पुलिसिया पूछताछ में ऋषि ने बताया कि उसने मृतक को गांव के ही चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ राठिया और एक अन्य नाबालिग के पास छोड़ा था और खुद काम पर चला गया था। ऋषि ने एक और बड़ा खुलासा किया कि जब उसने बाद में चंद्रशेखर को फोन किया, तो फोन पर उसे लड़ाई-झगड़े और चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं।
चखने के लिए आम लाने पर बढ़ा विवाद
ऋषि से मिले इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करके चंद्रशेखर, रघुनाथ और नाबालिग लड़के को हिरासत में ले लिया। जब तीनों को अलग-अलग कमरों में बिठाकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो वे ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक पाए और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे सभी खेत के पास बैठकर शराब पी रहे थे। इसी बीच शराब के साथ चखने के लिए आम तोड़कर लाने की बात उठी। इसी बात को लेकर मृतक और चंद्रशेखर के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि तीनों आरोपियों ने मिलकर उस किशोर पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। पिटाई के दौरान वह खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की तरफ गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई।
हादसा दिखाने की रची थी साजिश
जब आरोपियों को अहसास हुआ कि लड़का मर चुका है, तो वे बुरी तरह घबरा गए। कानून के शिकंजे से बचने के लिए उन्होंने फौरन लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने शव को वहां से उठाया और पास ही मौजूद एक बरगद के पेड़ के नीचे लाकर इस तरह लिटा दिया, जिससे देखने वालों को लगे कि यह कोई सामान्य दुर्घटना है। इतना ही नहीं, जब ऋषि ने बाद में उनसे किशोर के बारे में पूछा, तो उन्होंने बहुत ही शातिर तरीके से झूठ बोल दिया कि वह तो खाना खाकर अपने घर लौट चुका है।
पुलिस ने सीन रीक्रिएट कर जुटाए सबूत
गुनाह कबूलने के बाद खरसिया पुलिस आरोपियों को वारदात वाली जगह पर लेकर गई, जहां पूरी घटना का सीन रीक्रिएट कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के बयानों के आधार पर घटना के वक्त उनके पहने हुए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। साक्ष्य मिटाने और सामूहिक रूप से वारदात को अंजाम देने के कारण मामले में कानूनी धाराएं और बढ़ा दी गई हैं। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल और बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साफ लहजे में कहा है कि जिले में कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद कड़ा रुख अपना रही है। संगीन जुर्म करके या सबूत छिपाकर बचना अब मुमकिन नहीं है। पुलिस अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

