
- हादसे में अब तक चार की हो चुकी है मौत, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु
रायगढ़। खरसिया की मंगल कार्बन फैक्ट्री में मजदूरों की मौत के बाद उनके गांव में मातम छा गया है। रायपुर में मौत के बाद जब शव गांव लाया गया तो परिजनों का दर्द आक्रोश बनकर फूट पड़ा। साहेबराम खडिय़ा और शिव खडिय़ा के शव एनएच पर रखकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। एसडीएम, एसडीओपी और उप संचालक आईएचएसडी ने प्लांट प्रबंधन से पर्याप्त मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म किया गया। मंगल कार्बन फैक्ट्री में हुआ हादसा कई सालों तक कोई नहीं भूल पाएगा। इस हादसे ने एक परिवार के दो कमाऊ पिता-पुत्र समेत 9 महीने की बच्ची को भी निगल लिया। एक 19 साल के नौजवान ने भी अपनी जान गंवा दी। इसके लिए जिम्मेदार प्लांट प्रबंधन ही है।
टायर गलाने की फैक्ट्री में रिस्क लेकर अप्रशिक्षित मजदूरों से काम लिया जा रहा था।अब तक साहेबराम खडिय़ा, शिव खडिय़ा, भूमि खड़िया और इंदीवर की मौत हो चुकी है। कालडा हॉस्पिटल में मौत के बाद शिव और साहेबराम का शव रजघटा गांव अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। इसके बाद गांव में सुलग रहा गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने एनएच 43 में शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर एफआईआर वापस लेने का दबाव डालने का आरोप लगाया। उन्होंने मृतक परिवार के लिए 50 लाख रुपए का मुआवजा मांगा। विधायक उमेश पटेल भी ग्रामीणों के साथ आंदोलन में शामिल हुए। एसडीएम प्रवीण तिवारी और एसडीओपी प्रभात पटेल ने मौके पर जाकर स्थिति संभाली।
मृतकों के मुआवजे के अलावा पांच लाख
एसडीएम ने ग्रामीणों की मांग के अनुसार आईएचएसडी उप संचालक राहुल पटेल से चर्चा की। प्रत्येक मृतक के लिए 12-13 लाख रुपए मुआवजे का प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि प्लांट प्रबंधन ने न्यायालय में इस पर सहमति देने का वादा किया है। इसके अलावा मृत बच्ची के लिए पांच लाख रुपए मुआवजे का चैक परिजनों को सौंपा। इसके अलावा शिव खडिय़ा के बाकी दो बच्चों की पढ़ाई, शादी का पूरा जिम्मा प्लांट मालिक उठाएंगे। इसके बाद ही चक्काजाम खत्म हुआ।
प्लांट मालिक के विरुद्ध हो कार्रवाई
खरसिया विधायक उमेश पटेल भी ग्रामीणों के साथ चक्काजाम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। अभी तक पुलिस ने प्लांट के दो कर्मचारियों के विरुद्ध सामान्य धाराओं में अपराध दर्ज किया है, लेकिन प्लांट मालिक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है। यह मामला गैर इरादतन हत्या का है। प्लांट मालिक के खिलाफ भी पुलिस को अपराध दर्ज करना होगा। टीआई राजेश जांगड़े का कहना है कि केस डायरी आने के बाद प्लांट मालिक का नाम और धाराएं जोड़ी जाएंगी।
खड़िया परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे का शिकार हुए शिव खडिय़ा का परिवार मुफलिसी की मार झेल रहा है। यही वजह है कि परिवार के भरण पोषण के लिए शिव खडिय़ा व उसके पिता साहेब खडिय़ा के साथ ही शिव की पत्नी उदासिनी को भी काम पर जाना पड़ता था। तीन लोगों की मजदूरी से परिवार का जीवन यापन हो रहा था। वहीं हादसे में शिव खडिय़ा और उसके पिता साहेब खडिय़ा की मौत हो गई। शिव की पत्नी उदासिनी भी रायपुर में जिंदगी की जंग लड़ रही है। इस हादसे से खड़िया परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं सोमवार को उसकी दूधमुंही बच्ची भूमि खडिय़ा की भी मौत हो गई थी। इधर बुधवार को खडिय़ा परिवार के आंगन में रखे शिव और उसके पिता साहेब खडिय़ा के शव को रखे देख पूरा गांव शोक में डूब गया।

