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बाद में खरीदी जमीन और दूसरे खसरे के अंदर होने का दावा

  • विजयपुर में आया नया जमीन विवाद, 14 एकड़ निजी जमीन के कुछ हिस्से में अतिक्रमण

रायगढ़, 17 जनवरी। ये रायगढ़ है, यहां जमीनें चलती भी हैं और खिसकती भी हैं। अब विजयपुर में ऐसा दावा एक भूमिस्वामी भी कर रहे हैं। विक्रेता ने दो लोगों को जमीन बेची। जिसने बाद में खरीदी, वह कह रहा है कि उसकी भूमि बीच में है। इस मामले को लेकर जमकर विवाद हो गया है। रायगढ़ जिला जिस तेजी से फैल रहा है, उतनी ही तेजी से शहर के किनारे गांवों की तस्वीर भी बदल रही है। पहले जहां वीराना था, अब वहां बड़ी आवासीय कॉलोनियां काटी जा रही हैं। शहर के विकास का यह भी पैमाना है कि प्लानिंग से बने हुए आवासीय क्षेत्रों की संख्या भी बढ़े। विजयपुर क्षेत्र में भी जमीनों की खरीद-बिक्री अचानक बढ़ी है। जिन कारोबारियों ने कई साल पहले जमीन खरीदी थी, वे भी इसे अच्छी कीमत पर बेच रहे हैं।

सुशील अग्रवाल पिता नत्थूराम अग्रवाल ने मूल खसरा नंबर 56 कुल रकबा 5.868 हे. को दो बेचा है। पहले सालासार बिल्डकॉन के भागीदारों ने पूरी जमीन खरीदने का एग्रीमेंट किया लेकिन कुछ हिस्से में बेजा कब्जा मिला। इसके बाद उन्होंने अतिक्रमण वाले भाग को खरीदने से इंकार करते हुए केवल 4.860 हे. की ही रजिस्ट्री करवाई। रिकॉर्ड भी दुरुस्त हो गया। खसरा नंबर 56/2 सालासर बिल्डकॉन के नाम पर दर्ज हो गया। यह सौदा जुलाई 2023 में हुआ। इसके बाद सितंबर 2025 में उत्तर की ओर बची हुई भूमि खनं 56/1 रकबा 1.008 हे. को सुशील अग्रवाल ने बेचने के लिए कमल अग्रवाल पिता पवन अग्रवाल से डील की। इस जमीन से होकर तालाब जाने का प्रचलित रास्ता भी है जिसका उपयोग ग्रामीण करते आ रहे हैं। कुछ भाग में अतिक्रमण भी है। इसकी रजिस्ट्री होने के बाद कमल अग्रवाल दावा कर रहे हैं कि उनकी जमीन 56/2 के बीच में है जबकि सालासर बिल्डकॉन ने यहां बाउंड्रीवॉल करवा ली है।

झगड़े की वजह क्या है?
बताया जा रहा है कि जमीन बेचने के लिए विक्रेता ने कमल अग्रवाल को बताया कि खनं 56/1 बीच में है। सालासर बिल्डकॉन द्वारा लगाए गए गेट से होकर जमीन तक पहुंचने का रास्ता बताया। अब कमल अग्रवाल और सालासर बिल्डकॉन के भागीदारों के बीच टकराव हो रहा है। रजिस्ट्री के बाद नक्शा भी दुरुस्त करवाया जा चुका है। इसी हिसाब से बाउंड्रीवॉल भी बनवाई गई है।

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