चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 3 लोगों की मौत, 70 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल जलमग्न

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते राज्य में 3 लोगों की मौत हो गई और 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिरीक्षक नरेन्द्र सिंह बुंदेला ने बुधवार को बताया कि चक्रवात पुडुचेरी के यनम के पास तट को पार कर चुका है और अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। अनुमान है कि यह धीरे-धीरे और कमजोर होकर पहले चक्रवाती तूफान और फिर शाम तक गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा।
एनडीआरएफ के महानिरीक्षक के अनुसार, इस चक्रवात से आंध्र प्रदेश का उत्तरी हिस्सा और ओडिशा का दक्षिणी हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। दोनों राज्यों के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा में चक्रवात का कोई गंभीर असर नहीं देखा गया है, जबकि आंध्र प्रदेश में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में एनडीआरएफ की कुल 39 टीमें तैनात की गई हैं। मंगलवार रात आंध्र प्रदेश में 4 अतिरिक्त टीमें भी भेजी गईं।
57 हजार लोग राहत शिविरों में पहुंचाए गए, सड़कों को साफ करने के निर्देश
आंध्र प्रदेश में एहतियातन करीब 57,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जबकि मंगलवार रात यनम से 38 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह स्थिति की समीक्षा की और जिलाधिकारियों सहित लगभग 32,000 कर्मचारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गिरे हुए पेड़ों के कारण बंद हुई सड़कों को दो घंटे के भीतर साफ किया जाए और राष्ट्रीय राजमार्गों से बाधाएं तुरंत हटाई जाएं।
मुख्यमंत्री ने तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने, राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पेयजल व चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने तथा खेतों और नहरों के तटबंध टूटने से रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने को कहा है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी जानकारी
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राज्य में हुए नुकसान का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु और कृष्णा जिले चक्रवात से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार, राज्य में 70,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि फसलें और 10,500 हेक्टेयर में फैली बागवानी फसलें जलमग्न हो गई हैं। इसके अलावा घरों, सड़कों और बिजली के खंभों को भी भारी नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा रही है। उन्होंने चक्रवात से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए केंद्रीय दल भेजने और राहत, पुनर्वास व बहाली कार्यों के लिए केंद्र की ओर से आवश्यक वित्तीय व अन्य सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

