Chhattisgarh

वेदांता पावर प्लांट हादसा : 23 मौतों के बाद एक्शन में केंद्र सरकार! जॉइंट डायरेक्टर के नेतृत्व में CPRC की टीम ने प्लांट में डाला डेरा

  • सुबह से रात तक चला पाइपलाइन और मशीनों का पोस्टमॉर्टम—क्या मेंटेनेंस में हुई बड़ी लापरवाही का खुलेगा राज?

सक्ति, 19 अप्रैल। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च सेंटर CPRC के अफसरों की टीम जांच के लिए प्लांट पहुंची। ज्वाइंट डायरेक्टर प्रफुल्ल चंद्र डोंगरे के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने सुबह से लेकर देर शाम तक प्लांट परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की। टीम ने दुर्घटनास्थल का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए पाइपलाइन, मशीनरी और उत्पादन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की। इसके साथ ही मेंटेनेंस और प्रोडक्शन से संबंधित पुराने डेटा को भी खंगाला गया, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। बताया जा रहा है कि विशेषज्ञ पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी आंकड़ों के आधार पर हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं।

14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर पाइप फटने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। इनमें से अब तक 23 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक घायल मजदूरों का इलाज खरसिया, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र स्तर पर भी जांच समिति का गठन किया गया है। शनिवार 18 अप्रैल को केंद्रीय टीम के साथ आधा दर्जन से अधिक अधिकारी प्लांट पहुंचे और करीब सुबह 10 बजे से जांच शुरू की। अधिकारियों ने पूरे दिन प्लांट परिसर में रहकर एक-एक पहलू का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेज भी एकत्रित किए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच टीम तकनीकी खामियों, मेंटेनेंस में लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति की पड़ताल की।

डेटा विश्लेषण के बाद रिपोर्ट होगी प्रस्तुत
वेदांता थर्मल पावर प्लांट सिंघीतराई में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए पहुंची केंद्रीय टीम ने शनिवार को पूरे दिन प्लांट परिसर में गहन निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, एडिशनल कलेक्टर वीरेन्द्र लकड़ा सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि जांच टीम में ज्वाइंट डायरेक्टर के साथ क्वालिटी एंड लैब के जनरल मैनेजर डीपी अन्तपुरकर, मड़वा पावर प्लांट के एडिशनल चीफ इंजीनियर आलोक लकड़ा सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।

पाइपलाइन, मशीनरी और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच
टीम ने प्लांट की पाइपलाइन, मशीनरी और अन्य तकनीकी पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच की प्रक्रिया सुबह से शुरू होकर शाम करीब 7 बजे तक चली। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी सक्ती के लिए रवाना हो गए, जबकि कुछ सदस्य प्लांट में ही रुककर आवश्यक डेटा एकत्र करने में जुटे रहे। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने बताया, केंद्रीय स्तर से गठित जांच समिति सुबह ही प्लांट परिसर में पहुंच गई थी। वे स्वयं दोपहर में प्लांट पहुंचे और टीम के साथ पूरे निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सुरक्षा मानकों, मेंटेनेंस व्यवस्था और तकनीकी खामियों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। शाम तक चली इस प्रक्रिया के बाद कलेक्टर अधिकारियों के साथ सक्ती लौट गए। जांच टीम रविवार को वापस लौटेगी, जिसके बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है, जांच रिपोर्ट के बाद हादसे के वास्तविक कारण सामने आएंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस हादसे को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

Show More
Back to top button