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ऐश डाईक में ट्रांसपोर्टरों की निजी पोकलेन से ओवरलोडिंग का खेल! बेलगाम रफ्तार से दौड़ रहे फ्लाई ऐश से लदे हाईवा

  • बिंजकोट-दर्रामुड़ा से बड़े जामपाली और कुर्रूभांठा मार्ग पर उड़ती राख, जाम और हादसों के बढ़ते खतरे से ग्रामीणों में भारी आक्रोश

खरसिया। खरसिया क्षेत्र के बिंजकोट-दर्रामुड़ा मार्ग पर इन दिनों फ्लाई ऐश परिवहन को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ ट्रांसपोर्टरों की मनमानी और मुनाफाखोरी ने पूरे इलाके का चैन छीन लिया है। ओवरलोड हाईवा, तेज रफ्तार और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के सड़कों पर दौड़ते भारी वाहन अब लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि हर दिन लोग हादसे की आशंका के बीच सफर करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मेसर्स सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड के ऐश डाईक से बड़ी संख्या में फ्लाई ऐश की ढुलाई की जा रही है, लेकिन परिवहन के दौरान नियमों का पालन होता नजर नहीं आता। आरोप है कि कुछ ट्रांसपोर्टर अधिक से अधिक चक्कर लगाने और ज्यादा कमाई के लालच में क्षमता से अधिक फ्लाई ऐश भरकर हाईवा दौड़ा रहे हैं। इससे सड़क पर लगातार खतरा बना हुआ है।

ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार बनी सबसे बड़ी समस्या

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई हाईवा वाहनों में तय सीमा से अधिक फ्लाई ऐश भरी जा रही है। ऊपर तक लदी राख रास्ते में लगातार उड़ती और गिरती रहती है। इसके बावजूद वाहन तेज गति से गुजरते हैं, जिससे सामने से आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कई बार अचानक उड़ने वाली राख से कुछ पल के लिए सामने का रास्ता तक दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

निजी मशीनों से दिन-रात भराई, नियमों पर उठ रहे सवाल

क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ ट्रांसपोर्टरों ने ऐश डाईक के भीतर अपनी निजी पोकलेन मशीनें लगा रखी हैं। इन्हीं मशीनों से दिन-रात हाईवा में फ्लाई ऐश भरी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों और निर्धारित क्षमता का ध्यान नहीं रखा जा रहा। रास्ते में रोके जाने पर वाहन चालक भी अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों के नाम बताते हैं, जिससे यह साफ होता है कि कई परिवहन कंपनियां इस काम में लगी हुई हैं।

ग्रामीणों के अनुसार चंद्रा क्रशर उद्योग, श्री दाऊजी इंटरप्राइजेज, आदिशक्ति, आशीर्वाद ट्रेडिंग, छाल ट्रांसपोर्ट, आई एंड यू, जिंदल कंस्ट्रक्शन, अनुप रोड, मां अंबे, श्रीजी सर्विस, सृष्टि और सत करतार सहित कई ट्रांसपोर्टरों के वाहन इस मार्ग पर लगातार चलते दिखाई देते हैं।

गर्मी में उड़ती राख, बारिश में बन रही फिसलन

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हाईवा से उड़ने वाली फ्लाई ऐश पूरे इलाके को धूल और राख से ढक देती है। बाइक सवारों की आंखों में राख जाने से कई बार वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति बन जाती है। वहीं बारिश के दौरान यही फ्लाई ऐश सड़क पर गिरकर गीली और बेहद फिसलन भरी परत बना देती है। इससे छोटे-बड़े वाहन फिसलने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।

किलोमीटर लंबी कतारों से जाम जैसे हालात

बिंजकोट-दर्रामुड़ा से बड़े जामपाली और कुर्रूभांठा मार्ग तक कई बार हाईवा वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े भारी वाहनों के कारण आम लोगों, स्कूली बच्चों और दोपहिया चालकों को निकलने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीण बोले- हादसे से पहले हो कार्रवाई

ग्रामीणों का कहना है कि यदि ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और खुले में फ्लाई ऐश ढोने पर समय रहते रोक नहीं लगी तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने मांग की है कि ट्रांसपोर्टरों के वाहनों की नियमित जांच हो, ओवरलोड हाईवा पर सख्त कार्रवाई की जाए और परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े।

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