“साहब, हमें नहीं चाहिए डैम” : केवाली के ग्रामीणों ने बांध निर्माण के विरोध में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

रायगढ़। खरसिया ब्लाक के ग्राम पंचायत केवाली में जनपद सदस्य द्वारा बांध निर्माण स्वीकृति के लिए आवेदन दिया गया था जिसे निरस्त करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से उनके दैनिक जीवन व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा प्रस्तावित क्षेत्र में लघु वनोपज प्रचुर मात्रा में है जिसको बेच कर वे अपना जीवन यापन करते हैं यह प्राकृतिक संसाधन पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा।
खरसिया ब्लाक के जनपद सदस्य श्रीमती मीना बाई राठिया ने पूर्व में ग्राम पंचायत केवाली में बांध निर्माण की स्वीकृति के लिए आवेदन दिया था। अब केवाली ग्राम पंचायत के बाशिंदे बांध निर्माण के विरोध में उतर आये हैं। ग्रामीणों द्वारा सोमवार को जनदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित होकर कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए बीडीसी के आवेदन को निरस्त करने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से उनके दैनिक जीवन पर प्रभाव पड़ेगा, चूंकि प्रस्तावित स्थल पर लघु वनोपज प्रचुर मात्रा में है, जिसमें तेंदूपत्ता, चार, महुआ इत्यादि को एकत्रित करते हुए बेच कर अपना जीवन यापन करते हैं।
बांध निर्माण से उक्त प्राकृतिक संसाधन नष्ट हो जायेंगे जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जायेगा। इसके अलावा यह क्षेत्र चारागाह के रूप में भी उपयोग होता है तथा बांध बनने से पशुओं के चरने का स्थान समाप्त हो जायेगा। वहीं पेड़ों के नष्ट होने से पर्यावरण को भी क्षति पहुंचेगी। यही वजह है कि बांध निर्माण की स्वीकृति संबंधित आवेदन को निरस्त किया जाए अन्यथा ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।

