रायगढ़: रिटायर्ड शिक्षक से 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी, परिचित युवक गिरफ्तार

रायगढ़। कोतरारोड़ थाना पुलिस ने शिक्षा विभाग के एक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से करीब 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में गांव के ही एक परिचित युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने शिक्षक के विश्वास का फायदा उठाकर लगभग छह वर्षों में यह रकम अपने विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर ली और उसे ऑनलाइन गेमिंग में उड़ा दिया।
पुलिस के अनुसार, कांटाहरदी निवासी 64 वर्षीय रघुनाथ सिदार वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) कोतरारोड़ स्थित बचत खाते में जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अवकाश समर्पण सहित अन्य देय राशि जमा हुई थी। उसी गांव का छत्रपाल सिदार वर्ष 2020 से बैंक संबंधी कामकाज में उनका सहयोग करता था और चेकबुक से रकम आहरण कराने के लिए उनके साथ बैंक जाया करता था।
मकान निर्माण के लिए बैंक स्टेटमेंट निकाला तब हुआ खुलासा
पीड़ित का विश्वास हासिल करने के बाद आरोपी का उनके घर आना-जाना था और वह अक्सर रघुनाथ सिदार के मोबाइल का भी इस्तेमाल करता था। हाल ही में जब पीड़ित मकान निर्माण के लिए जमीन खरीदने के उद्देश्य से बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तब मामले का खुलासा हुआ।
खाते की जांच में सामने आया कि जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच उनके खाते से कुल 47,05,000 रुपये ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई अन्य बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने कोतरारोड़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
ऑनलाइन गेमिंग में खर्च की रकम, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
शिकायत के आधार पर कोतरारोड़ थाना पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और अपराध क्रमांक 377/2026 के तहत मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने आरोपी छत्रपाल सिदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने शिक्षक के खाते से एचडीएफसी, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक स्थित अपने खातों में रकम ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि उसने यह पूरी रकम ऑनलाइन गेमिंग में खेलकर गंवा दी। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस मामले में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा है।

