1 नवंबर से बदल जाएंगे कई अहम नियम: एलपीजी सिलेंडर, फास्टैग पास और मोबाइल कॉलिंग व्यवस्था में होंगे ये बड़े बदलाव

1 नवंबर से आम उपभोक्ताओं की जेब, यात्रा और रोजमर्रा की सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के मंत्रालयों, दूरसंचार विभाग और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा तय की गई ये नई व्यवस्थाएं महीने की पहली तारीख से प्रभावी हो रही हैं। इनमें रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा, टोल प्लाजा पास और स्पैम कॉल्स पर नियंत्रण से जुड़े कदम शामिल हैं।
एलपीजी और विमान ईंधन की कीमतों की मासिक समीक्षा
प्रत्येक माह की पहली तारीख की तरह ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडरों और विमान ईंधन (एटीएफ) की दरों की समीक्षा कर नई कीमतें जारी करेंगी। पिछले महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में इजाफा हुआ था, जबकि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी गई थीं। नए महीने की शुरुआत में घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों के उपभोक्ताओं की नजरें संशोधित दरों पर टिकी हैं।
टोल प्लाजा के पास रहने वालों के लिए ₹1500 का वार्षिक फास्टैग पास
राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए फास्टैग नियमों में संशोधन किया गया है। टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-व्यावसायिक निजी वाहन मालिकों के लिए 1,500 रुपये का वार्षिक लोकल पास पेश किया जा रहा है। इस व्यवस्था से स्थानीय निवासियों को बार-बार टोल चुकाने के वित्तीय बोझ से राहत मिलेगी।
स्पैम कॉल्स की रोकथाम के लिए सीएनएपी प्रणाली
दूरसंचार विभाग (DoT) के निर्देश के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन (CNAP) सिस्टम लागू करने को कहा गया है। इस तकनीक के तहत फोन आने पर अनजान नंबर के साथ-साथ सिम कार्ड धारक का सत्यापित नाम मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगा। इससे उपभोक्ताओं को फर्जी और अनचाही कॉल्स की पहचान के लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
डिजिटल पेमेंट, जीएसटी रिफंड और ट्रैफिक से जुड़े अन्य नियम
तमिलनाडु में तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) के आदेशानुसार 1,000 रुपये से अधिक मूल्य की शराब की बोतलों की खरीद पर नकद भुगतान बंद कर दिया गया है। वहां ग्राहकों के लिए यूपीआई, डेबिट या क्रेडिट कार्ड जैसे डिजिटल माध्यमों से भुगतान करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, जीएसटी रिफंड में देरी घटाने और कागजी प्रक्रिया सरल बनाने के प्रावधान भी लागू हो रहे हैं। वहीं, यातायात नियमों के तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर छोटे कमर्शियल और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर स्थायी रोक लगाई जा रही है। साथ ही, दिल्ली में विंटर एक्शन प्लान के तहत अन्य राज्यों में पंजीकृत पुराने गैर-बीएस6 वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी जारी रहेगी।

