रायगढ़ में किराए के मकान में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस ने ग्राहक बनकर मारा छापा, महिला दलाल समेत तीन गिरफ्तार

रायगढ़, 12 जुन। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस ने रिहायशी इलाके में चल रहे एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के छोटे अतरमुड़ा इलाके में एक किराए के मकान के भीतर काफी समय से जिस्मफरोशी का यह कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस ने बेहद फिल्मी अंदाज में एक नकली ग्राहक (पाइंटर) भेजकर इस पूरे खेल को उजागर किया है। मौके से तीन युवतियों को मुक्त कराया गया है, जबकि धंधा चलाने वाली मुख्य महिला दलाल और दो ग्राहकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे बिछाया गया जाल, पाइंटर के इशारे पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि छोटे अतरमुड़ा की साईं मंगलम गली में स्थित प्रदीप नाम के व्यक्ति के मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। खबर पक्की थी कि यहाँ गुंजन चौहान नाम की एक महिला अवैध कमाई के चक्कर में बाहर से लड़कियां बुलाकर देह व्यापार करवा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ के आला अधिकारियों ने एक खास रणनीति तैयार की। इस योजना के तहत साइबर सेल और चक्रधरनगर थाने की एक संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने सीधे छापेमारी करने के बजाय एक पुलिसकर्मी को नकली ग्राहक बनाकर तय रकम के साथ उस मकान में भेजा। जैसे ही सौदा पक्का हुआ और अंदर से ग्रीन सिग्नल मिला, बाहर मुस्तैद खड़ी पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मकान को चारों तरफ से घेर लिया और अचानक अंदर दाखिल हो गई।
दो कमरों का नजारा देख उड़े पुलिस के होश, आपत्तिजनक हालत में मिले लोग
जब पुलिस टीम अचानक मकान के भीतर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। घर के बाहर मुख्य आरोपी महिला गुंजन चौहान खुद पहरा दे रही थी। अंदर कमरों की तलाशी लेने पर एक कमरे में एक महिला और एक पुरुष बेहद आपत्तिजनक हालत में पाए गए। पूछताछ में इस शख्स ने अपना नाम नेहरू चौहान बताया, जो सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का रहने वाला है।
वहीं जब पुलिस दूसरे कमरे की तरफ बढ़ी, तो वहां दो युवतियों के साथ एक और पुरुष मौजूद था। उसने अपना नाम मीर रविउल बताया, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है और फिलहाल जशपुर के पत्थलगांव में रह रहा था। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से मकान के भीतर हड़कंप मच गया और किसी को भी भागने का मौका नहीं मिला।
महिला स्टाफ ने ली तलाशी, पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज
चूंकि मामला महिलाओं से जुड़ा था, इसलिए कानून और संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया। मौके पर मौजूद महिला पुलिस अधिकारियों और महिला आरक्षकों ने कमरों की गहन तलाशी ली। इस दौरान कमरों से कई तरह की आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं। इसके साथ ही नकली ग्राहक के रूप में भेजे गए पाइंटर ने महिला दलाल को जो 2,500 रुपये दिए थे, पुलिस ने वो नकद पैसे भी आरोपी महिला के पास से जब्त कर लिए हैं। कड़ाई से पूछताछ करने पर मुख्य आरोपी महिला ने कबूल किया कि उसने यह मकान सिर्फ इसी धंधे को चलाने के लिए किराए पर लिया था। इस पूरी कार्रवाई के बाद चक्रधरनगर थाने में महिला दलाल गुंजन चौहान, ग्राहक नेहरू चौहान और मीर रविउल के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस रैकेट के तार और कहां-कहां से जुड़े हुए हैं।
एसएसपी की दो टूक: ऐसे संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करेंगे
इस बड़ी कामयाबी पर रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले के भीतर महिलाओं के शोषण और इस तरह के अनैतिक कामों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि देह व्यापार जैसे संगठित अपराधों में जो कोई भी शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून का डंडा इसी तरह चलेगा। रायगढ़ पुलिस आगे भी ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगी और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाइयां देखने को मिलेंगी।

