Raigarh

टीआरएन एनर्जी पर 1.38 लाख रुपए का जुर्माना : रोड पर दो वाहन गिरा रहे थे गीला फ्लाईएश, ग्रामीणों ने किया था हंगामा

रायगढ़। एक बार फिर उद्योगों की मनमानी शुरू हो गई है। फ्लाई एश का निराकरण करने के लिए परिवहन की एक मानक संचालन प्रक्रिया तय की गई है। लेकिन इससे कंपनियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। टीआरएन एनर्जी ने के दो वाहनों से गीला फ्लाई एश का परिवहन किया जा रहा था। ग्रामीणों ने वाहनों को रोककर हंगामा किया था। पर्यावरण विभाग ने दोनों गाडिय़ों में लोड फ्लाई एश के हिसाब से 1.38 लाख रुपए का जुर्माना किया है।

घरघोड़ा के भेंगारी में टीआरएन एनर्जी का पावर प्लांट स्थित है। प्लांट से उत्सर्जित फ्लाई एश का यूटीलाइजेशन करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। कंपनी को कहीं लो लाइंग एरिया मिलता है तो वहां एश डंप किया जाता है। मंगलवार को गाड़ी क्रमांक सीजी 12 बीयू 2619 और एचआर 58 सी 5645 में गीला फ्लाई एश लोड कर ले जाया जा रहा था। गीला फ्लाई एश सडक़ पर गिरता ही जा रहा था। रास्ते में जितने भी गांव आए, सभी जगहों पर एश गिरता गया। सूखने के बाद इसी एश के कारण वायु प्रदूषण होता है।

ग्रामीणों ने दोनों वाहनों को रोककर कार्रवाई की मांग की थी। मौके पर प्लांट के अधिकारी भी पहुंचे थे। पर्यावरण विभाग को जानकारी मिलने के बाद प्रकरण दर्ज किया गया। आईडब्ल्यूएमएमएस पोर्टल से पता चला कि दोनों वाहनों में 92.53 एमटी एश लोड था। पर्यावरण विभाग ने टीआरएन एनर्जी पर 1500 रुपए प्रति टन की दर से 1,38,795 रुपए की क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है। साथ ही रोड पर गिरे फ्लाई एश का साफ करने के भी निर्देश दिए गए हैं। तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण भी मांगा है।

सबसे ज्यादा कार्रवाई एनटीपीसी पर
रायगढ़ जिले में फ्लाई एश का गलत तरीके से परिवहन करने पर सबसे ज्यादा पेनाल्टी एनटीपीसी लारा पर की गई है। दूसरे पावर प्लांटों की गाडिय़ां पकड़ी नहीं जातीं। कभी-कभी ही कोई वाहन पकड़ में आता है। पर्यावरण विभाग की इतनी कार्रवाई के बावजूद गीला फ्लाई एश परिवहन नहीं रुका है।

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