चायपत्ती के पानी और स्प्रिट से बन रही थी ब्रैंडेड शराब : रायगढ़ में कोरोना काल से चल रहे नकली शराब के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत मुख्य आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 09 जुन। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां नामी-गिरामी ब्रैंड्स के नाम पर नकली शराब बनाने और उसे बाजार में खपाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जिला पुलिस और आबकारी विभाग की एक संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना इलाके के धनागर गांव में छापेमारी करके इस पूरे नेटवर्क को मटियामेट कर दिया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली शराब और इसे बनाने का सामान जब्त किया है। इस कार्रवाई को पुलिस के ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत अंजाम दिया गया है, जो इलाके में नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान बनकर उभरा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर हुई इस बड़ी रेड में पुलिस ने गिरोह के एक मुख्य सदस्य को दबोच लिया है, जबकि उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहे। पकड़े गए आरोपी की पहचान दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू के रूप में हुई है, जो धनागर गांव का ही रहने वाला है। वहीं उसका सगा भाई सुभाष पटेल और एक अन्य साथी विनय सिंह फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
चायपत्ती के पानी और स्प्रिट से तैयार हो रहा था ब्रैंडेड नशा
पुलिस की पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। पकड़े गए आरोपी ने कुबूल किया है कि वे लोग अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के दूसरे हिस्सों से सस्ती शराब लाते थे। इसके बाद शराब की मात्रा बढ़ाने के लिए उसमें भारी मात्रा में स्प्रिट और अन्य केमिकल मिलाए जाते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नकली शराब को असली जैसा रंग देने के लिए आरोपी रेड लेबल चायपत्ती को पानी में उबालकर उसका इस्तेमाल करते थे।
इस मिलावटी घोल को हूबहू असली ब्रैंडेड शराब जैसा दिखाने के लिए कबाड़ से पुरानी खाली बोतलें जुटाई जाती थीं। उन्हें साफ करने के बाद, इन बोतलों में यह जानलेवा मिक्सचर भर दिया जाता था। इसके बाद बाजार में मिलने वाले नकली ढक्कन, फर्जी लेबल और हूबहू दिखने वाले नकली होलोग्राम लगाकर इन्हें इस तरह पैक किया जाता था कि कोई आम ग्राहक असली और नकली में फर्क ही न कर पाए।
गोदाम नहीं, गाय के कोठे में छिपा था दो लाख से ज्यादा का माल
पुलिस को काफी समय से इस इलाके में मिलावटी शराब बिकने की खुफिया जानकारी मिल रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जाल बिछाया और तस्दीक के लिए एक फर्जी ग्राहक (प्वाइंटर) को दुष्यंत पटेल के पास भेजा। उस ग्राहक ने जब वहां से गोवा ब्रैंड की दो बोतलें खरीदीं, तो आबकारी विभाग के अफसरों को उसके लेबल, खुशबू और स्वाद पर शक हुआ। शक यकीन में बदलते ही पुलिस और आबकारी की टीम ने बिना वक्त गंवाए आरोपी के ठिकाने पर धावा बोल दिया।
जब पुलिस टीम आरोपी दुष्यंत के घर की तलाशी ले रही थी, तब उन्हें घर के भीतर बने गाय रखने के कोठे (तबेले) से शराब का एक बड़ा जखीरा मिला। वहां रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, रिजर्व क्वार्टर और किंगफिशर जैसी मशहूर कंपनियों के रैपर लगी बोतलें कतार से सजी हुई थीं। पुलिस ने मौके से कुल 869 नग नकली शराब की बोतलें, अद्धी और पौव्वा बरामद किए हैं, जिनकी कुल मात्रा करीब 240 लीटर आंकी गई है। बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 2 लाख 16 हजार रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा पुलिस को वहां से 560 नकली ढक्कन, स्प्रिट से भरे ड्रम, केतली और सैकड़ों खाली बोतलें भी मिली हैं।
कोरोना के दौर से चल रहा था मौत का यह कारोबार
पकड़े गए आरोपी दुष्यंत ने पुलिसिया पूछताछ में यह भी माना कि वह कोई नया खिलाड़ी नहीं है, बल्कि कोरोना महामारी के समय लगे लॉकडाउन के दौरान से ही वह इस काले धंधे को अंजाम दे रहा था। लॉकडाउन में जब दुकानें बंद थीं, तब से शुरू हुआ यह खेल धीरे-धीरे एक संगठित नेटवर्क में बदल गया। ये लोग इस नकली शराब को गांव और शहर के छोटे-मोटे कोचियों (अवैध विक्रेताओं) के जरिए असली शराब के दामों पर सीधे आम लोगों तक पहुंचा रहे थे, जिससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि लोगों की जान से भी खिलवाड़ किया जा रहा था।
फिलहाल कोतरारोड़ पुलिस ने पकड़े गए आरोपी दुष्यंत पटेल और फरार चल रहे सुभाष व विनय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। पकड़े गए आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई पर बात करते हुए जिले के कप्तान शशि मोहन सिंह ने साफ लहजे में कहा है कि आम लोगों की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी तरह सख्त है और इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।




