
- सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड कंपनी में सिक्योरिटी हेड हैं अनिल मिश्रा, छोटी उम्र में बेटी की अद्भुत प्रतिभा बनी चर्चा का विषय
रायगढ़-खरसिया। छोटी उम्र, अद्भुत प्रतिभा… 6 साल की अनन्या ने शिव तांडव और हनुमान चालीसा कंठस्थ कर सबको किया हैरान। रामायण, शिव तांडव और हनुमान चालीसा जैसे धार्मिक ग्रंथों को जुबानी कंठस्थ कर लेना निश्चित रूप से सामान्य बात नहीं है। लेकिन जब यही अद्भुत प्रतिभा महज 6 साल की एक मासूम बच्ची में दिखाई दे, तो हैरानी होना लाजिमी है।
यह कहानी है खरसिया के दर्रामुड़ा स्थित सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड कंपनी के सिक्योरिटी हेड अनिल मिश्रा की 6 वर्षीय बेटी अनन्या मिश्रा की। अनिल मिश्रा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और मूल रूप से इंदौर के रहने वाले हैं। मिश्रा परिवार धार्मिक प्रवृत्ति का है। घर में नियमित पूजा-पाठ, मंत्रों का जाप और धार्मिक ग्रंथों का पाठ होता है। शायद यही धार्मिक माहौल छोटी अनन्या के मन में भी संस्कार और जिज्ञासा का बीज बो गया। महज 6 साल की उम्र में जहां अधिकांश बच्चे अक्षरों और शब्दों को पहचानना सीख रहे होते हैं,
वहीं अनन्या शिव तांडव स्तोत्र और हनुमान चालीसा जैसे कठिन धार्मिक पाठों का स्पष्ट उच्चारण के साथ पाठ करती हैं। खास बात यह है कि अनन्या जब शिव तांडव का पाठ करती है, तो उसकी स्पष्टता और आत्मविश्वास सुनने वालों को कुछ पल के लिए ठहरने पर मजबूर कर देता है। इतनी छोटी उम्र में कठिन संस्कृत श्लोकों और धार्मिक पाठों को याद रखना और फिर उन्हें बिना किसी किताब को देखे आत्मविश्वास के साथ बोलना निश्चित रूप से उसके भीतर की असाधारण स्मरण शक्ति, रुचि और अभ्यास को दर्शाता है।
अनन्या की प्रतिभा को सुनने वाला हर व्यक्ति यही कह उठता है—
उम्र महज 6 साल… लेकिन याददाश्त और आत्मविश्वास किसी बड़े से कम नहीं।
अनन्या की यह प्रतिभा सिर्फ उसके परिवार के लिए गर्व की बात नहीं, बल्कि यह भी दिखाती है कि बच्चों के आसपास का वातावरण, संस्कार और उनकी रुचि किस तरह उनकी प्रतिभा को निखार सकते हैं।
छोटी सी उम्र… मासूम सी आवाज… और जुबां पर शिव तांडव और हनुमान चालीसा।
अनन्या की यह अद्भुत प्रतिभा निश्चित तौर पर लोगों को चौंकाने के साथ-साथ प्रेरित भी कर रही है।




