Raigarh

रायगढ़ में नकली शराब के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, फार्म हाउस में छिपा दूसरा मुख्य आरोपी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नकली शराब बनाने वाले एक बेहद शातिर और संगठित गिरोह की कमर तोड़ दी है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत की जा रही इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। धनागर इलाके में पकड़े गए नकली शराब के कारखाने के बाद से ही पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं। इसी दौरान मुखबिर की पक्की सूचना पर पुलिस ने जोरापाली के एक फार्म हाउस में घेराबंदी करके गिरोह के मुख्य किरदारों में से एक सुभाष पटेल को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी के पास से मिलावट और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दो दिन पहले धनागर गांव में दी गई दबिश के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी शराब और स्प्रिट बरामद की गई थी। उस वक्त मौके से दुष्यंत उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसके दो अन्य साथी सुभाष पटेल और विनय ठाकुर भागने में सफल रहे थे। पुलिस ने अपनी जांच की रफ्तार धीमी नहीं होने दी और महज चौबीस घंटे के भीतर ही फरार सुभाष को उसके गुप्त ठिकाने से ढूंढ निकाला।

चायपत्ती के पानी से असली जैसा रंग देने का खेल
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी सुभाष पटेल ने जो खुलासे किए हैं, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से असली शराब की बोतलों में मिलावटी खेल खेल रहा था। मुनाफे को कई गुना बढ़ाने के लिए ये लोग असली शराब में भारी मात्रा में स्प्रिट मिलाते थे। स्प्रिट मिलने की वजह से जब शराब का रंग हल्का या फीका पड़ जाता था, तब उसे असली जैसा दिखाने के लिए ये शातिर अपराधी उसमें चायपत्ती को उबालकर उसका रंग मिला देते थे। इसके बाद बोतलों को सील कर उन पर नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगा दिए जाते थे, ताकि आम पीने वाले को जरा भी शक न हो। इस पूरी खेप को अलग-अलग इलाकों में फैले कोचियों के जरिए बाजारों और गांवों में खपाया जा रहा था।

फार्म हाउस से बरामद हुआ मिलावट का सामान
जोरापाली स्थित जिस फार्म हाउस में सुभाष छिपा हुआ था, असल में वह इस काले कारोबार का एक बड़ा गोदाम और प्रोसेसिंग यूनिट था। पुलिस ने जब आरोपी की निशानदेही पर वहां तलाशी ली, तो शराब बनाने और उसे तैयार करने का सेटअप मिला। मौके से गैस सिलेंडर, सिंगल बर्नर चूल्हा, एल्यूमीनियम की बड़ी डेगचियां और पैकिंग के लिए रखी गईं खाली बोतलें जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि इसी जगह पर बैठकर शराब को खौलाने, उसमें स्प्रिट मिलाने और चायपत्ती का रंग डालकर ब्रांडेड बोतलों जैसा लुक देने का काम धड़ल्ले से चल रहा था।

तीसरे साथी की तलाश में जुटी पुलिस की टीमें
गिरफ्तार हो चुके पचास वर्षीय सुभाष पटेल के खिलाफ कोतरारोड़ थाने में भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल (न्यायिक रिमांड) भेज दिया गया है। इस पूरे सिंडिकेट का एक और अहम मोहरा विनय सिंह ठाकुर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की विशेष टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और दावा किया जा रहा है कि उसे भी बहुत जल्द सलाखों के पीछे ला खड़ा किया जाएगा।

इस बड़ी सफलता पर रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जिले में नशे और अवैध शराब के काले कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की यह मुहिम थमेगी नहीं और इस नेटवर्क से जुड़े हर छोटे-बड़े अपराधी को कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

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