स्मार्टफोन शिपमेंट में 20 फीसदी की भारी गिरावट, मेमोरी चिप की कमी और बढ़ती लागत बनी वजह: काउंटरपॉइंट रिसर्च

दुनियाभर में स्मार्टफोन बाजार पर महंगे कंपोनेंट्स और मेमोरी चिप की कमी का सीधा असर देखने को मिल रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की तीसरी तिमाही में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 20 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 2012 के बाद से किसी भी तीसरी तिमाही का सबसे निचला स्तर है।
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से मेमोरी चिप की भारी किल्लत और हैंडसेट निर्माण की बढ़ती लागत को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
कंपोनेंट्स और मेमोरी की कीमतों में उछाल से बढ़े दाम
स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली डीआरएएम (DRAM) और नैंड (NAND) मेमोरी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन कंपोनेंट्स का उपयोग फोन की रैम, इंटरनल स्टोरेज और अन्य जरूरी प्रोसेसिंग कार्यों में होता है। इनके दाम बढ़ने की वजह से कंपनियों के लिए स्मार्टफोन तैयार करने की उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन की खुदरा कीमतों में लगभग 20 फीसदी का इजाफा हो चुका है। बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां खुदरा कीमतें बढ़ा रही हैं, जिसका सीधा असर बजट और मिड-रेंज सेगमेंट के ग्राहकों पर पड़ रहा है।
प्रीमियम सेगमेंट में सैमसंग और ऐपल की स्थिति मजबूत
समग्र शिपमेंट में गिरावट के बावजूद प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग बाजार में अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी तिमाही में सैमसंग 23 फीसदी मार्केट शेयर के साथ पहले पायदान पर रहा, जबकि ऐपल ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 22 फीसदी कर ली है।
इसके विपरीत, बजट और मिड-रेंज पर निर्भर ब्रांड्स को बड़ा नुकसान हुआ है। शाओमी के शिपमेंट में सालाना आधार पर 30 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है, वहीं ओप्पो और वीवो के शिपमेंट में भी 20 फीसदी से ज्यादा की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन कंपनियां अब कम कीमत वाले मॉडल्स की संख्या घटाकर ज्यादा मुनाफा देने वाले प्रीमियम मॉडल्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
ग्राहकों पर असर और आगे की संभावना
मेमोरी चिप की कमी और कंपोनेंट्स के महंगे होने का सिलसिला जारी रहने पर कंपनियां नए फोन की कीमतें और बढ़ा सकती हैं या किफायती मॉडल्स के फीचर्स में कटौती कर सकती हैं।
रिसर्च फर्म के अनुसार, 2026 के बाकी बचे महीनों में भी स्मार्टफोन बाजार पर यह दबाव बना रह सकता है। बाजार की रिकवरी पूरी तरह से मेमोरी चिप की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति पर निर्भर करेगी। वहीं, भारतीय बाजार में कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और स्थानीय शिपमेंट पर इसके सटीक प्रभाव का अलग से आकलन किया जाना बाकी है।

